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एस.बी.टी मानेजरों को सिखाया

स्टेट बेंक ओफ ड्रावनकोर की मुख्य कार्यालय में 24 मानेजरों को 30-11-2015 में रबड् साँख्यिकी की विश्लेषण  एक प्रसन्टेषन के रूप में स्क्रीन पर प्रदर्शित करके पढाने का मौका मिला। प्रसन्टेषन  पर जहां से आँकडे इकडे किया उस के  लिंक (Link)  उपलब्द हैं।  अंतिम स्लैड पर बहूत ही समाचार या विश्लेषण की लिंक मिलेगा। चीफ जनरल मेनेजर  (कोमेर्सियल) श्री ई.के. ङरिकुमार के अधिकार या हित के कारण इन मानेजरों को कृषि विश्वविद्यालय, किसान की खेती, रबड् बोर्ड, कोकनट डेवलपमेन्ट बोर्ड वगैरह में जानकारी प्राप्त कराया और मुख्य कार्यालय में पाँच दिल के दर्जा उपलब्द कराकर कृषी के विविध पद हासिल करने वाले तथा जानकार किसानों को भी मौका दिया जानकारी प्राप्त कराने का।  मुझे भी मौका मिला साँख्यिकी की विश्लेषण और खेती संबन्धी व्यावहारिक प्रयोगों और अनुभवों मानेजरों के सामने पेश करने का अवसर मिला। ऐसे सर्वव्यापी जानकारी मानेजरों को प्राप्त कराकर उदार लेनेवाले किसान को मदद करने की मौका उपलब्द होगा। मलयालम में परिचय किया नीचे दिया हुआ लिंक पर शब्द के रूप में।

http://www.4shared.com/mp3/dOelW7FJce/SBT-HQ.html

रबड् साख्यिकी की विश्लेषण और रबड् बोर्ड द्वारा प्रसारित हेराफेरी प्रदरशित करने के बाद रबड् षीट सुखाने की सस्ते और कार्यक्षम वाले च्छोटे स्मोक हौस (Smoke House) के बारे में जानकारी दी। रबड् षीट के रंग इझानुसार सुखा सकते हैं, या ग्रेड षीट बना सकते हैं। 24 घंटे में 2.5’x4’x10′ आकार की स्मोक हौस में 65 रबड् षीट सुखा सकते हैं।  अगला जानकारी जो आजतक किसी वैग्यानिक प्रसारित नहीं किया। पेड के अंदर लाटेक्स की बहाव किस दिशा से किस दिशा को बहते हैं। स्वयं टाप करने का कारण अनेक कोशिशों के बाद यह पता चला लाटेक्स की बहाव नीचे से ऊपर की तरफ हैं। अगर ऊपर से नीचे को होता तो जहाँ से टापिंङ शुरू की उसके ऊपर की भाग में  पतला लाटेक्स होना चाहिये। लेकिन गाडा लाटेक्स ऊपर की तरफ पा सकते हैं। उसी प्रकार उतपादन बडाने केलिये उत्तेजित दवाई (एथिफोण) का इस्तेमाल करने पर वृक्ष की नीचे की ओर लाटेक्स पतला होते हैं और ऊपर की तरफ उसका असर नहीं होता। टापिंङ के बाद पेड़ की छाल को बनने केलिये मैक्रो न्यूट्रियन्ट बोरोण नारियती तेल में मिलाकर इस्तेमाल करने पर ब्रौणबास्ट (Brownbast) को रोक सकते हैं। मटी की जैव संपत्ती की संरक्षण, रासायनिक खाद से नुक्सान, ब्रौण बास्ट के कारण (सेकन्टरी तिकनिंङ इन डैकोट स्टेम) वगैरह एक किसान की जानकारी की तौर पर पेश की।

देशीय गास के महत्व ऐर विदेशी जनुस की गाय की दूध में उपलब्द बीटाकेसिन A1 की असर, मट्टी में उपनब्द बाक्टीरिया की सहायता से पीने की पानी का संरक्षण, इनफ्सेषन (Inflation) और खाद्य वस्तुओं के साथ मूल्य पर उसका असर, उस वजह से किसान की नुक्सान, मजदूर की धन्का बडने का कारण वगैरह पेश की।

अंत में जैव कचरे को खाद बनाने केलिये तुम्पूरमूऴि एयरोबिक कम्पोस्टिंग् टेकनिक के बारे में जानकारी दी। 4’x4’x4′ आकार की चारों तरफ हवा उपलब्द कराने वाला पेटी में सबसे नीचे 6″ गोबर उसके ऊपर  6″ सूखे पत्ते और सूखे पत्ते की ऊपर किसी भी प्रकार की जैव कचरे डालकर  6″ गोपर भिर डालना। इसी फ्रकार लेयर बनाकर भरने के बाद तीन महीने कि आराम देना चाहिये। इस से बुरे गंदगी, पानी की बूंद की गिराव,  एक हफ्ते में 70 डिग्री कि ताप होने की कारण अणुबाधा  वगैरह नहीं होगा। मेरा घर की सामने गेट के पास ऐसे एक प्लान्ट देख सकते हैं।

मानेजरों को साख्यिकी की हेराफेरी या गलतियाँ जलदी समझ में आते हैं। साख्यिकी की विश्लेषण पि.एच.डी और पी.जि केलिये प्रोजक्ट ब नाते वक्त रफरन्स के रूप में शामिल करते हैं। और कर्मचारी बनने के बाद वही दलतियाँ दौराते हैं। माध्यम, विश्लेषज्ञ, पार्टी के नेतृत्व, केन्द्र और राज्य सरकार को यह हेराफेरी समझ में नहीं आता।

श्री ई.के हरिकुमार ऐसे एक मौका देकर कृफि वैज्ञानिक मानेजरों को साँख्यिकी की हेराफेरी सिखाने का मौका देकर महत्वपूर्ण सेवा किसानों केलिये की। सी.जी.एम ने मानेजरों को सोष्यल मीडिया  फेसबुक दोस्त बनने का निर्देश  भी दी।

श्री ई.के हरिकुमार फेसबुक मेसंजर की जरिये सन्देश भी दी। अच्छा हुआ. एकबार भिर: बेंक में आने और बातचीत करने में. कल दर्जे में गया था. सबके साथ आमने सामने बातचीत की. बहूत भायदामंद हैं करके बोला.

एयरोबिक कम्पोस्टिंङ संबन्धी फेसबुक पन्ने नीचे दिया हुआ हैं।

https://www.facebook.com/TMACT.KERALA

Tweet by Hon Commerce Minister and its reply available at this link