केरलाफार्मरऑनलाइन.कॉम विविध भाषाई ब्लोग किसानों केलिये एक किसान प्रसारित कर रहा हूँ
  • Ref: Year 2011-12 April | May | June | July | August | September | October | November | December | January | February | March

    Can you imagine how India got the productivity of 1819 kg/hectare in 2011. It is a mathematical game. Highest monthly production and lower balance stock at the end of December. World statistics covers from January to December and India April to March. Thus a comparison is impossible.If 90067 Tonnes for the year 2011 is +Ve missing how the productivity increased?

    प्रसारित करूँगा

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  • एक व्यक्ती या परिवार को अपने अधीन पर रखनेवाला जमीन के विस्तृती के नियम 1970 में केरल में लागू करने के विषय, जो किसान के च्छोटे हिस्सा भूमि अधिग्रहण जरिये सरकारी कार्वाई के विषय, कृषि उत्पादन के भव गिराने के विषय, उर्वरक कीटनाशक घास को खतम करनेवाले रौण्टप वगैरह के विषय, गांव कार्यालय में कर भरते विषय, मदद पाकर आयात निर्यात के विषय जैसे बातों पर किसान को पीडित होना पढते हैं। ट्रेड – यूनियन चलाने वाले सर्कारी कर्मचारियों के नेतृत्व में ही होताहैं। ऐसे संखटन सर्कारी कर्मचारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई क्ररवाई आजतक नहीं ली। 25 साल में सर्कारी कर्मचारियों के धनका 20 गुणा बडा और पुरुष श्रम केलिये भी उतना ही बडा। उसके कारण दैनिक आवश्यक वस्तुओं की कीमत के बडना हैं। लेकिन ऐसे बडोत्री आवश्यक वस्तुओं की हुआ ही नहीं। केरल के रहने वालों को आवश्यक वस्तू चावल हैं। वही चावल एक या दो रुपये प्रति किलो मिलता हैं तो कर्मचारियों के धनका कटना चाहिये।
    उत्तर प्रदेश में किसान भूख के कारण बीबी को बेचने की समाचार हम समाचार पत्रों में पढा। वही राज्य में कियान के जमीन भूमी अधिग्रहण जरीये कबजे करके किसी पैसेवाले व्यक्ती को ऊँचे दाम में दी और उसके खिलाफ आवाज उठानेवाले कियानों को मार डालने की समाचार भी पढा। क्या आप को कुच्छ भी मेहसूस नहीं होता?
    मुंबई में गरीबों के छोपडियों भूमी अधिग्रहण के जरीये जो कबजा करने का कोशिश और उसके खिलाफ के आवाज भी हम ने सुना।
    अन्ना हसारे की भ्रष्टाचार के खिलाफ जन लोकपाल बिल केलिये लडते हैं वह जो हैं ऊँचे मछलियों को काबू में ला सकते हैं। लेकिन आम जनता को लूटनेवालों को कोन हतकडी लगायेगा? विज्ञापन प्रसारित करनेवाले व्यवसाय,कॉर्पोरेट, भ्रष्टाचारी पार्टी के प्रवरतकों वगैरह को संभालने केलिये यहाँ कई माध्यम मौजूद हैं। ब्लोग और सामाजिक नेटवर्क धोडा कुच्छ परिवर्तन ला सकते हैं। लेकिन वहाँ भी भ्रष्टार करने वालों के चमचे मौजूद होगा। नकली प्रोफ़ाइल बनाकर ङम संघडित शक्ती बोलकर व्यक्तियों को तकलीफ दागा। प्रजातंत्र के नाम से करनेवाला भ्रष्टाचार और गुण्टागर्दी रोकनेमें पुलीस या न्यायालय भी पराजित होता हैं। 

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  • Marking with the help of Guj Knife for Controlled Downward Tapping against CUT of Indian Rubber Board and IUT of Dr. L. Thankamma.

    Marking for CDT with the help of Guj Knife

    The tapping ladder with a height of 4.5 feet to tap from the branch union of rubber trees.

    Controlled Downward Tapping against CUT and IUT

    The tapping from branch union in winter and rainy season for aged trees to get more yield from food storage.

    The flow of latex is from bottom to top, because the food storage at Phelloderm can’t bring down. After the tapping ‘A’ panel this type of Controlled Downward Tapping is helpful to save the trees in winter OR rainy season and to increase production without damaging milk vessels. The tapping ladder is easy to carry from one place to another by folding  it to a comfortable stage. Guj Knife can be used to mark on both sides from bottom to branch union. In summer the tapping panel at lower level will get more production.

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  • भारतीय स्वाभाविक रबड् की आँकडे की विश्लेषण सन. 2010-11

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  • Adv Shine's old post through search as resultsअब मलयालम ब्लोग में ताजा समाचार यह हैं। जोर्ज जोसफ नाम के (एक रिटयेर्ड हेडमास्टर) नकली ब्लोगर प्रोफैल बनाकर पहले के जमाने में नायर जात के सारे औरतें वेश्याये (रण्डी)थी करके स्थापित करनेकेलिये कई पोस्ट लिखी। इसके खिलाफ नायर सर्वीस सोसैटी के सेक्रटरी ने डी.जी.पी को एक खत दिया। उसके परिणाम सैबर सेल ने गूगिल से कम्पूटर के ऐ.पी नंपर प्राप्त करके अड्वकेट षैन को गिरफतार की और उससे पहले ही उसने हैकोर्ट से जमानत ली थी। कुच्छ महीने पहले सन्तोष नाम के एक ब्लोगर ने सेबर सेल से य़ह पूछा था “किसी ब्लोगर नफ्रत की बात (hate speech)” प्रसारित किया है करके नजर में आया कि नहीं। यह बात किसी समाचार पत्र में नहीं आया था। लेकिन कुच्छ दिनों बाद साथ के ब्लोगरों ने उस चित्रकार (Artist) के सही नाम मुरली थे, उनके गिरफतारी के बारे में पोस्ट लिखी और कुच्छ समाचार पत्रों में भी छापा। उस कारण अन्य ब्लोगरों को भी मालूम पडा। उस समय कुच्छ महीने केलिये चित्रकार के ब्लोग आमन्त्रित व्यक्तियों केलिये खुला था। ऐसे ही अब अड्वकेट षैन का भी ब्लोग आमन्त्रित व्यक्तियों केलिये खुला हैं। कुच्छ महीने बाद चित्रकार के ब्लोग के ऊपर और नीचे उशका खूद का लिखी सूचना प्रसारित करके कुच्छ गंदे पोस्टों को निकालकर अधिक शक्ती के साथ नायर जाती और ब्राह्मिण के बारे में नफ्रत की बातें प्रसारित कर रहे हैं। अब यही चित्रकार गिरफतार किया हुआ षैन के मदद की पोस्ट प्रसारित कर रहे हैं।

    नायर समुदाय के सारे स्त्रीयें वेश्यायें करके स्थापित करने केलिये छापे किताबें (हमें मालूम हैं कितने साल हुये छापना शुरू हुआ करके)  और इन्टेर नेट से सेर्च करके (वह शुरू होकर कुच्छ साल ही हुआ हैं) सपूत शामिल कर रहे हैं जो गलत हैं। तीस या चलीस उम्र के लोग ऐसे पुराने जमाने के चरित्र प्रसारित कर रहे हैं जो आँखें देखे जैसे। सैबर आक्ट 2008 के बदलाव के चर्चा के समय हमारे पारलमेन्ट में विरोधि दल हंगामा मचा रहे थे। उसी वजह से नये बदलाव किसी चर्चा के बगैर ही काम में लाया गया।

    ज्योर्ज जोसफ जो एक रिटयेर्ड अध्यापक नाम कृस्टियन नाम हैं उस नाम को अन्य समुदाय के व्यक्ति ओक वकील इस्टेमाल करने पर जरूर आश्चर्य होता हैं। अब विचित्रकेरलम ब्लोग देखने पर ऐसे नजर आयेगा।

    यह ब्लॉग मात्र आमंत्रित पाठकों के लिए है

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    ज्योर्ज जोसफ बदलकर  शंखघवरयन और उसके बाद  जी.जे बनकर गलती से मुक्त होने का प्रयास हो रहा हैं। कुच्छ दिनों बार फिर से यह ब्लोग प्रसारित होने का उमीद हैं। आज तक हम ऐसे ही देखा हैं। अभी भी कुच्छ पोस्ट गूगिल संभाल कर रखा हुआ देख सकते हैं।  सेभालकर रखाहुआ ब्लोग और कुच्छ दिनों देख पायेगा।

    सेवा की शर्तें | गोपनीयता | सामग्री नीति हर ब्लोगर पढना चाहिये।

    दूसरों की पहचान धारण करना: कृपया कोई अन्य व्यक्ति या किसी संगठन का प्रतिनिधि बनकर, जो कि आप नहीं हैं, अपने पाठकों को न भटकाएं या उन्हें भ्रमित न करें. हम यह नहीं कर रहे कि आप पैरोडी या व्यंग्य प्रकाशित नहीं कर सकते – बस ऐसी सामग्री से बचें जो संभवत: आपके पाठकों को आपकी वास्तविक पहचान की ग़लत जानकारी दे.

    ऐसे ब्लोग का लक्ष्य वर्गीयता के बढावा देना और आपस में लडने को तैय्यार करना ही हैं। एन.एस.एस के जनरल सेक्रटरी के शिकायत के कारण कारवाई हुआ और गिरफ्तारी होकर जो व्यक्ती एन.एस.एस से दूर चले गये व्यक्तियों को फिरसे शामिल कराकर संघटन के ताकत बडेगा। ऐसे होने पर अन्य जातियों का भी ताकत बडेगा। सारे राष्ट्रीय पारटियों के लक्ष्य भी वही हैं। आनेवाली पंचायती चुनाव में भायदा उढाने की एक पहली कदम होगा यह कारवाई।

    ऐसे अवस्था में तैय्यारी क्यों करना पडा जरा सोचने की बात हैं। श्री मनमोहन सिंह के इरादे की कारण शशी थरूर तिरुवनन्तपुरम लोकसभा चुनाव में एक लाख तक वोटें ज्यादा पाकर सबको हराण करदी थी। इतना ज्यादा मत वर्गीयता और पार्टी के अतीत सोचने वाले जनता के निर्णय का परिणाम हैं। कोणग्रस और अन्य पार्टी के लोगों को यह वात हजम होनेवाला नहीं था। उसका सपूत हम कई बार देख चुके हैं। थरूर नायर नहीं हैं करके एन.एस.एस के जनरल सेक्रटरी नारायण पणिक्कर  बोलने का कोई असर मत में दिखाई नहीं दी।

    कई सालों से सैबर सेल में सिन्धू जोय (सी.पी.एम), पिणराई (सी.पी.एम) और नारायण पणिक्कर के शिकायत के सिवा और क्या असर हम को दिखाई दी? इसका जवाब दस रुपये का कोर्ट फी स्टांप छिपाकर सैबर सेल के पब्लिक इनफरमेषन ओफीसर को समर्पित करके यह बात के पता करना चाहिये।

    घृणा फैलाने वाले वक्तव्य: हम ब्लॉगर का उपयोग आपके विचारों की अभिव्यक्ति के लिए करना चाहते हैं, भले ही वह अत्यधिक विवादास्पद क्यों न हो. परंतु, घृणा फैलाने वाले वक्तव्य प्रकाशित करके इस सीमा को पार न करें. इससे हमारा तात्पर्य ऐसी सामग्री से है जो वंश, नस्ल, धर्म, अक्षमता, लिंग, आयु, वरिष्ठता की स्थिति या यौन रुझान/लैंगिक पहचान के आधार पर घृणा या हिंसा फैलाती है. उदाहरण के लिए, ब्लॉग में ऐसा न लिखें कि X नस्ल वाले लोग अपराधी हैं या वे Y धर्म का पालन करने वालों के प्रति हिंसा का समर्थन करते हैं.

    गूगिल और ब्लोगर के बीच कुच्छ भी छुपा नहीं हैं। लेकिन अंजान ब्लोगर को पकडने केलिये भारत सरक्कार तथा राज्य सरकार को गूगिल के सहारा लेना पडता हैं।  ऐसे अवस्था में गूगिल के नियमो के पालन कैसे होगा

    सही उपयोग. आप यह स्वीकार करते हैं कि इस सेवा का अपने लिए उपयोग करने, आपके किसी भी संदेश, और उनके परिणामों के लिए आप स्वयं ज़िम्मेदार हैं. आप यह स्वीकार करते हैं कि आप इस सेवा का उपयोग आपके देश से निर्यातित तकनीकी डेटा के प्रेषण संबंधी किसी भी कानून और अमेरिकी निर्यात नियंत्रण कानूनों समेत विद्यमान सभी स्थानीय, प्रादेशिक, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों, नियमों और विनियमनों के अनुसार करेंगे

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