“Adwaidam”,
Nr.Theroth Kavu,
Kakkad, Kannur-670 005
ph(off):0497-2711027
M-Kerala-9249401004
rekhacreations@gmail.com
It’s official. Shashi Tharoor has more than 1,00,000 followers on Twitter making him the first Indian celebrity to cross the milestone. His popularity on Twitter has been such that even Priyanka Chopra’s followers count pales in comparison to the one lakh Tharoor has acquired. A perfect socializer as he is, Tharoor even tweets from the car between events. His tweets reflect the earnest human being in him, who uses his wit and wisdom to say things that make people think. Be it advocating ideas or giving his take on certain issues, Tharoor has always been a pro-active twitterer. He himself admits “only writing I can find time for these days is tweeting”. Shashi Tharoor truly does deserve 100,000 followers on Twitter and more. Starting from sharing the timeline of his hectic schedule, to voicing his own introspection on myriad range of topics, Tharoor expresses it all on Twitter. He has been updating his status consistently ever since he joined the Twitter fraternity in March 2009, and he makes sure he responds to his followers answering their voluminous queries. It is more than interesting to go through his tweets as they are a blend of intellect and subtle humour. One of his tweets read like this: “If mosquitoes had a vote I’d win every election in Kochi! Another near-sleepless night in this otherwise lovely city.” When it comes to give his own opinion he does not shirk away either. He says, “I will not practice or condone corruption, but fighting it is not my principal job” in reply to a query of one of his 1,00,000 followers on Twitter. Shashi Tharoor’s 1lakh followers on Twitter reflect the bond he shares with Indians and his sheer commitment towards the twitterratti. He does not tweet with any other purpose than to inform and be in touch with his fellow people, as he himself said, “I just try to be myself and am glad so many are interested.” If Shashi Tharoor ever decides to become a prime ministerial candidate for India, he’d be doing what Barack Obama did on Twitter and maybe even better.
Courtesy – Headlines India
After reading this news I saw Shashi Tharoor have over 101796 followers in Twitter on 7th September at 7.09 AM and what is the position now is visible here.
Few Mentions are here from my Twitterfox.
RT @keralafarmer: 1 lakh followers @ShashiTharoor http://bit.ly/bl6ii
RT @keralafarmer: 1 lakh followers @ShashiTharoor http://bit.ly/bl6ii
RT @kenneyjacob: RT @keralafarmer: 1 lakh followers @ShashiTharoor http://bit.ly/bl6ii
@keralafarmer Tons of spam accounts following @ShashiTharoor http://bit.ly/R4UCg . Is #Captcha an option to verify the human followers?
@basilbaby @keralafarmer wld like to know what are “spam accts”. Followers page lists real people! Why wld a spammer follow anyone?
@ShashiTharoor @basilbaby @keralafarmer writeup from twitter blog http://bit.ly/xSxXH
RT: @jebui: @ShashiTharoor @basilbaby @keralafarmer writeup from twitter blog http://bit.ly/xSxXH
@ShashiTharoor @keralafarmer : yeah “spam accts” looks like real. Mostly spammers use some automated programs to ‘follow’ other’s profile.
When I posted this matter in Trivandrum Bloggers Group Dr. Brijesh Nair replied with a link Tweets help teen to walk again – http://www.ndtv.com/news/videos/video_player.php?id=1154666
If you are using Twitter and Firefox then you can follow Dr. Shashi Tharoor with quick time updates which a MP can do for transparency of his service.

]भारत में ऐसे कितने एम.पी होगा जो जीतने के बाद जनता से मिलाप रखते हैं? हो सकता है सिर्फ एक व्यक्ती शशी थरूर होगा। ए.ऐ.सी.सी, के.पी.सी.सी और प्रादेशिक संविधान एम.पी और मन्त्रियों को कार्य निर्वहण केलियो मदद करनेवाला होना चाहिये। बल्की केरल जैसे देश में कार्य निरवहण पार्टी सेक्रटेरियट और पोलिटब्यूरो के नियंत्रण में हैं। उसकी परिणाम हम 2009 के मतदान से प्राप्त की गई नतीजे से मालूम कर सकते हैं। कुच्छ लोगों के निर्णय आम जनता के खिलाफ होने का सपूत था पार्टी के बीच के अंत्रोणी झगडे, जनता दल जैसे पार्टी शुरू से उनके साथ थे उनको बाहर धकेलना, धर्मनिरपेक्ष बोलकर पि.डि.पी को प्रचारण के सदस्य बनाना, लावलिन हेराफेरी से पिणराइ विजयन को बचाने केलिये अडवकेट जनरल के मदद लेना आदी इस चुनाव में यू.पी.ए को गुणदायक बन गया। जनता या जाती, मत तथा कक्षि राष्ट्रीयता से मुक्त मतदाताओं को खिलाफ बनाने का पूरा जिम्मेदारी पिणराइ विजयन का ही हैं।
तिरुवनन्तपुरम के उमीदवार डो शशी थरूर और उसे मौका देने केलिये कोण्ग्रस के नेतृत्व के निर्णय एक लाख तक के ज्यादा मतदान हासिल करके एक बडिया कमाल करके दिखाया। चुनाव के सारे खर्चे थरूर के कमाई से ही किया। उनके ऐसे जीत के प्रधान कारण उन्होंने जो महत्वपूर्ण वादा जनता के सामने रखा था इसलिये हैँ। शुरी से उन्होंने यह बताया कि वे एक विभिन्न स्वभाव के एम.पी होगा और जीतने के बाद जनता से मिलाप रखूँगा मलयालम लिखने नहीं आता तो भी समझ सकते हैं और उन बातों को आंग्रेजी और हिन्दी में दिल्ली में समर्पित करूँगा। शुरू में ही उन्होंने जो मतदाताओं को उमीदवार के पहचान करानेवाला पोस्टर और बानर लगाया हुआ था उनको निकालकर एक साफ शहर कायम रखने का काम में शामिल हुये। साथ ही आम जनता से संपर्क रखने केलिये संविधान के रूप का निर्माम खोषित की जो पार्टियों से मुक्त व्यक्ती हर दिन दो खंडे का अवसर प्रदान करूँगा। नेट में दुनिया के किसी भी कोने से उनको ट्विट्टर में सन्देश प्राप्त कर सकते है उनके पीछे करने पर। इसी को जनहित बोल सकते हैं। भारत में ऐसे कितने नेता होंगे अधिकार प्राप्त होने के बाद आम जनता से मिलाप रखना चाहते हैं?
आजतक जो अधिकार संभाले लोगों में अधिक लोग हेराभेरी में शामिल थे। राहुल गान्धी जैसे युव और सीथे साथे व्यक्ती मंत्री के पद संभालना भी एक शुभ सूचना हैं। भारत केलिये कामकरनेवाला एक सामूहिक नेटवर्क इन्डी पेपल में थरूर के हाजरी उन्हें और महत्वपूर्ण बना रहे हैं। डो. थरूर के ब्लोग पढने और अभिप्राय लिखनेका अवसर भी प्राप्त हैं। सारे भारत के बारे में विशाल जानकारी भी वह सैट दे रहे हैं।
झीतने के बाद हर एम.पी उस प्रदेस के पूरे जनता के प्रतिनिधित्व करनेवाला बनजाता हैं। उसे काम में लाने केलिये जनता से मिलाप रखने का संविधान किसी स्वतंत्र व्यक्ती के जरीये होना चाहिये। शशी थरूर के तरफ से ऐसे ही वादा को काम में लाने की कोशिश देख सकते हैं। इस चुनाव से पहले थरूर के एन.आर.ऐ दोस्त के जरीये मुलाकात करने केलिये हम तिरुवनन्तपुरम के कुच्छ ब्लोगर उन के खर पहूँचे थे। लेकि एक नेता वहाँ जो मौजूद थे उन्होंने मुलाकात का मौका देने से इनकार किया और हम को आदेश दी तम्पानूर रवी के जरिये ही आना चाहिये। लेकिन थरूर ने हमें मुलाकात के कुच्छ वक्त जरूर दी। इस का साफ मतलब यह था सारे नियंत्रण इन च्छोटे नेताओं के हाथ में निरभर थे। उन्हें मालूम नहीं होगा जो थरूर को एक लाख तक मत ज्यादा मिला स्वतंत्र मतदाताओं से ही हैं।
जो व्यक्तिगत नहीं और आम जनता केलिये गुण पानेवाला समस्याओं को एम.पी के पास पहूँचाने के बीच इन चमलों के धकेल से सावधान रहना होगा। ऐसे गलत तरीके का मुक्ती डो. थरूर के पास होगा तो उससे अच्छा और कौन सा बात हो सकते हैं आम जनता केलिये।
Popular tweeters of the day

मलयालम ब्लोग के बीच ऐसे एक ब्लोग चित्रकारन नाम पर प्रसारित हैं। उनके सभी पोस्टों में ब्राह्मिण और नायर समुदाय के खिलाफ ऐसे लेख प्रस्तुत करते जा रहे हैं। ऐसे गंचे शब्दों के इस्तेमाल के वजह से किसी दूसरे के पोस्टों में इस चित्रकारन के कमेन्ट मना करते थे या निकाल देते थे। यह व्यक्ती ईऴव समुदाय के हैं। परंतू किसी भी ऊँचे समुदाय के व्यक्ती कभी भी इस यमुदाय के खिलाफ चित्रकारन के जैसे लेख कभी भी प्रसारित नहीं की।
कुच्छ महीने पहले इस व्यक्ती ने सारे मलयाली को बेवकूफ बनाकर एक नये तरीके अपनाया। वह यह था नये ब्लोगरों के सहायता केलिये केरल ब्लोग अकादमी और उसके कई शाखायें कई जिले में ब्लोग नाम से शुरू की। उन तमाम ब्लोगों में इस व्यक्ती के गंदे ब्लोग लिंग भी शामिल की थी। जब तिरुवनन्तपुरम जिले में यह शिल्पशाला ङुआ था तब इस व्यक्ती के काले मुह को दुनिया के सामने लाने में मैं कामयाप हुआ था। उसके बाद मेरे खिलाफ ऐसे गंदे धब्द सहित मेरे खिलाफ कई पोस्ट लिखे थे। इस व्यक्ती ने जो करवाई शुरू की उसका नकीजा ङम मुंबई में देख रहे हैं वही होगा। उसलिये भाईचारा और शांति कायम रखने केलिये मुझे यह पोस्ट डालना पड रहा हैं। जरूर कुच्छ साल बाद जब मलयालम को हिन्दी में बदलकर पढने की सुविधा गूगिल प्रदान करेगा तब आप लोगों को इस मुरली नाम के चित्रकारन से असली रूप नजर आयेगा।
मैं ने अपने पहचान बताकर पोस्ट लिखता हूँ। उसी वजह से मेरा लेख गंदी बातें या समुदाय को प्रकोपित करने वाला एक लफ्स भी नहीं होगा। जब तिरुवनन्तपुरम में शिल्पशाला हुआ था तब मैं ने इस मुरली को मेरा विसिटिंग कारड दिया उसके बदले में उसने भी गलती से उसका कार्ड मुझे दी। उस दिन से ब्लोग में यह अन्जान व्यक्ती चित्रकारन पहचानवाले हो चुके हैं।
क्षमा कीजिये। हिन्दी में तबदीली केलिये मुझे कोइ मदद करेगा तो यह हिन्दी में करके दीजिये।
ज्यादा जानकारी केलिये एन.टी.वि वेब सैट पर अंग्रेजी में लिखी बात पढ सकते हैं।
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