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आम बजट की प्रमुख विशेषताएं


नई दिल्ली। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सोमवार को 2009-10 का आम बजट लोक सभा में पेश किया।

आम बजट की प्रमुख विशेषताएं।

-अर्थव्यवस्था को तेज आर्थिक वृद्धि दर की पटरी पर लाना।

– 1.2 करोड़ नौकरियां देने का लक्ष्य।

-घरेलू बाजार में सुधार के संकेत।

-देश को पांच साल में स्लम मुक्त बनाने की राजीव आवास योजना।

-बिजली क्षेत्र के लिए 2080 करोड़ रुपये का आवंटन।

-छह प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों के लिए ऋण।

-अतिरिक्त बजट प्रावधान 411 करोड़ रूपये।

– मानसून के देर से आने से किसानों के लिए ऋण अदायगी की सीमा छह महीने और बढ़ी।

-किसानों को महाजन कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिए कार्यबल

-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बजट में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी।

-निर्यात पर दबाव के मद्देनजर निर्यात ऋण गारंटी स्कीम का विस्तार 2010 तक।

-रोजगारोन्मुख निर्यात क्षेत्र के लिए विशेष राहत। ब्याज सबवेंशन योजना की अवधि मार्च 2010 तक बढ़ी।

-लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए विशेष फंड।

-प्रिंट मीडिया के लिए प्रोत्साहन पैकेज की अवधि छह महीने बढ़ी।

-एफआरबीएम लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश।

-13वें वित्त आयोग की रपट अक्तूबर तक।

– किसानों को सीधे कृषि सब्सिडी का प्रस्ताव।

-सरकार विशेषज्ञ समिति बनाएगी, जो तेल की कीमतों के निर्धारण के बारे में सुझाव देगी।

– आयकर रिटर्न फार्म सरल और यूजर फ्रेंडली बनाने के लिए सरल-2 फार्म।

-पीएसयू में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार रखते हुए विनिवेश कार्यक्रम में जनता की भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रस्ताव।

-सूचीबद्ध कंपनियों में औसत सार्वजनिक धन प्रवाह 15 प्रतिशत से कम।

– सूचीबद्ध कंपनियों में गैर प्रवर्तक शेयरों का अनुपात बढ़ाया जाएगा।

– सरकारी बैंकों को आफ साइट एटीएम बिना पूर्व अनुमति के खोलने की मंजूरी।

– सभी विकास खंडों में बैंक खोलने के लिए सहायता देगी सरकार।

-सरकार प्रतिस्पर्धी निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध।

– विकास की प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने का प्रयास

– नरेगा जबर्दस्त सफल स्कीम। 100 रूपये प्रतिदिन मेहनताना देने के लिए प्रतिबद्ध।

– नरेगा में अब और योजनाओं को भी शामिल करने की पहल।

-नरेगा के लिए आवंटन में 144 प्रतिशत की बढ़ोतरी। राशि 39, 100 करोड़ रुपये।

-खाद्य सुरक्षा विधेयक का मसौदा तैयार किया जाएगा।

-भारत निर्माण में 45 प्रतिशत आवंटन बढ़ा। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत आवंटन 59 प्रतिशत बढ़ा। 7000 करोड़ रुपये राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत। 63 प्रतिशत इंदिरा आवास योजना के आवंटन में बढ़ोतरी।

-ग्रामीण आवास कोष के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान।

-अनुसूचित जाति बहुल गांवों के लिए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना। 100 करोड़ रुपये के आवंटन से होगी इस साल चालू।

-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की शुरुआत।

-महिला साक्षरता के लिए राष्ट्रीय मिशन।

-2012 तक सभी बच्चों को एकीकृत बाल विकास योजना का लाभ।

-उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी चार लाख छात्रों को लाभ का अनुमान।

– असंगठित मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए पर्याप्त धन मुहैया कराएंगे।

– कुशल श्रमिकों के रोजगार के अवसरों के लिए राष्ट्रीय वेब पोर्टल।

– पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मेगा पावरलूम क्लस्टर और राजस्थान में हैंडलूम क्लस्टर। श्रीनगर और मिर्जापुर में कालीन क्लस्टर।

– राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में 257 करोड़ रुपये आवंटन बढ़ा।

– स्मार्ट कार्ड योजना में सभी बीपीएल को शामिल होंगे।

– वन संस्थान देहरादून को 1000 करोड़ रुपये की एकमुश्त सहायता।

– राष्ट्रीय पहचान पत्र सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति में महत्वपूर्ण। यह परियोजना ऐसे युग की शुरूआत करेगी, जिसमें निजी क्षेत्र को राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में शामिल किया जा सकेगा।

– 120 करोड़ रुपये यूनीक आइडेंटिफिकेशन कार्ड योजना के लिए। 12 से 18 महीने में पहला कार्ड।

– केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए एक लाख आवास बनेंगे।

-भूतपूर्व सैनिकों के लिए एक रैंक एक पेंशन के तहत पेंशन राशि में बढ़ोतरी। यह फैसला एक जुलाई 2009 से लागू होगा। 12 लाख से अधिक जवानों को इससे फायदा।

– पालीटेक्निक के उन्नयन के लिए 495 करोड़ रुपये की राशि।

सभी राज्यों में केन्द्रीय विश्वविद्यालय योजना के लिए 827 करोड़ रुपये का प्रावधान।

– चंडीगढ विवि के लिए 50 करोड़ रुपये।

– राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आवंटन 2112 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3472 करोड़ रुपये।

– अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के लिए आवंटन बढ़ाकर 1740 करोड़ रुपये।

-अलीगढ़ मुस्लिम विवि के पश्चिम बंगाल और केरल परिसरों के लिए 25-25 करोड़ रुपये का आवंटन।

-श्रीलंकाई तमिलों के पुनर्वास के लिए 500 करोड़ रुपये।

-आइला प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए 1000 करोड़ रुपये।

-पहली बार हमने कुल खर्च का 10,00,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार किया। कुल बजट 10,20,838 करोड़ रुपये का जिसमें गैर योजना खर्च 6.95 लाख करोड़ रुपये।

-गैर योजना खर्च में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी।

-सब्सिडी 2008-09 के 71, 431 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,11,276 करोड़ रुपये।

-राज्यों को इस वर्ष 21,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण जुटाने की छूट।

-सब्सिडी 2008-09 के 71, 431 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,11,276 करोड़ रुपये।

-सकल कर राजस्व: 6,41,000 करोड़ रुपये।

-राजस्व घाटा 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान।

-पिछले वित्त वर्ष केंद्रीय कर-जीडीपी अनुपात बढ़कर 11.5 प्रतिशत रहा।

-प्रत्यक्ष कर अनुपात बढ़कर 56 प्रतिशत।

-आयकर की नई संहिता 45 दिन में।

मुखर्जी ने अपने भाषण के दौरान कौटिल्य का कई बार उल्लेख किया।

-राज्यों के वित्त मंत्री जीएसटी को लेकर मौलिक ढांचे पर सहमत।

-जीएसटी दो स्तर पर केंद्रीय और राज्य स्तर पर लगाया जाएगा।

-निगमित कर अपरिवर्तित।

-वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर छूट सीमा बढ़कर 2,40,000। महिलाओं के लिए 1,90,000 रुपये। अन्य सभी के लिए 1,60,000 रुपये।

-प्रत्यक्ष करों पर सरचार्ज चरणबद्ध ढंग से समाप्त करने का प्रस्ताव। व्यक्तिगत आयकर पर दस प्रतिशत का अधिभार समाप्त।

-निर्यात पर कर रियायत एक और वर्ष के लिए बढ़ी।

-एफबीटी को समाप्त करने का प्रस्ताव।

-निगमित क्षेत्र को अनुसंधान एवं विकास कार्यों में व्यय पर 150 प्रतिशत की कटौती।

-निगमित कंपनियों को निवेश से संबद्ध कर रियायत का प्रस्ताव। कोल चेन और गैस परिवहन के क्षेत्र में निवेश आधारित कर रियायत की घोषणा।

-नई पेंशन स्कीम ट्रस्ट में जमा राशि पर कर छूट।

आभारि – जागरण

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