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आम बजट 2011

नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आम बजट 2011-12 में आय कर छूट की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.8 लाख रुपये कर दी है। बजट में कॉरपोरेट क्षेत्र में लगाए जाने वाले न्यूनतम वैकल्पिक कर को 18 फीसदी से बढ़ाकर 18.5 फीसदी और 7.5 फीसदी के अधिभार को घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया। मुखर्जी ने बजट में 80 वर्ष से अधिक उम्र के कर दाताओं की एक नई श्रेणी पेश की, जिनके लिए आय कर छूट की सीमा पांच लाख रुपये होगी। साथ ही वरिष्ठ नागरिक की उम्र सीमा 65 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष कर दी।

होम लोन पर ब्याज में छूट
15 लाख रुपये तक के होम लोन पर ब्याज में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। मुखर्जी ने कहा कि आवासीय सेक्टर में वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए मैं वर्तमान ब्याज अनुदान योजना को और उदार बना रहा हूं, जिसके तहत 15 लाख रुपये तक के गृह ऋण पर ब्याज में एक प्रतिशत की छूट होगी, बशर्ते कि घर की लागत 25 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

खेती के लिए कर्ज सस्ता
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर है। किंतु, भ्रष्टाचार से निपटना सरकार की पहली प्राथमिकता है। खाने-पीने की महंगाई दर में कमी आई है। हालांकि थोक और खुदरा भाव में काफी अंतर है। 1 अप्रैल 2012 से डायरेक्ट टैक्स कोड लागू किया जाएगा। टैक्स को और सरल बनाने के लिए कई उपाय किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 2011-12 में आर्थिक विकास की दर 9 फीसदी के करीब रहेगी।

एलआईसी की पूंजी बढ़ेगी

इस संबंध में आने वाले बीमा विधेयक के बाद वर्तमान एफडीआई की सीमा 26 फीसदी से बढ़कर 49 फीसदी हो जाएगा। सरकार एलआईसी विधेयक लाएगी जिसके बाद जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की पूंजी वर्तमान पांच करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ रुपये हो जाएगी। मुखर्जी ने कहा कि सरकार बीमा कानून (संशोधन) विधेयक, पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण विधेयक, एलआईसी संशोधन विधेयक, प्रतिभूतिकरण और वित्तीय आस्तियों के पुर्निर्माण और सुरक्षा हितों का प्रवर्तन कानून और भारतीय स्टेट बैंक (सहयोगी बैंक) विधेयक लाने का प्रस्ताव करती है।

रुपये के नए सिक्के जारी होंगे
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय रुपये का अब एक नया प्रतीक चिह्न है, जिसे केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों, कारोबारी कम्पनियों और आम जनता द्वारा प्रयोग किए जाने के लिए अधिसूचित कर दिया गया है। इस प्रतीक चिह्न के अंकन वाले सिक्कों की नई श्रृंखला शीघ्र ही जारी की जाएगी। सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय मानकों में इस प्रतीक चिह्न को शामिल करने के लिए यूनिकोड स्टैंडर्ड प्राधिकरण से सम्पर्क किया है।

बुजुर्गो को और राहत
गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन कर रहे लाभार्थियों के लिए मौजूदा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत व्यक्ति की अर्हता 65 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष करने का प्रस्ताव है। 80 वर्ष या इसके अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन 200 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए किए जाने का प्रस्ताव है।

रक्षा बजट 1.64 लाख करोड़ रुपये

प्रणब मुखर्जी ने रक्षा बजट 2011-12 को बढ़ाकर 1,64,415 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। रक्षा बजट में इस वृद्धि का प्राथमिक उद्देश्य जल, थल और वायु सेना का तेजी से आधुनिकीकरण करना है। यह राशि पिछले बजट में रक्षा क्षेत्र को आवंटित 1,47,344 करोड़ रुपये से कम-से-कम 11 फीसदी अधिक है।

सौदे के आगे बढ़ने की उम्मीद
रक्षा क्षेत्र के लिए पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर 69,199 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो वित्त वर्ष 2010-11 में 60,000 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर रक्षा क्षेत्र को और अधिक राशि आवंटित की जाएगी। मुखर्जी की इस घोषणा से अगले वित्त वर्ष में 10.4 अरब डॉलर की कीमत से 126 लड़ाकू विमान सहित हथियारों की खरीद के अनेक सौदे के आगे बढ़ने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर के लिए सहायता राशि दोगुनी

पूर्वोत्तर क्षेत्र तथा विशेष श्रेणी के राज्यों में विकास को बढ़ावा देने के लिए दी जाने वाली विशेष सहायता राशि लगभग दोगुनी, यानी 8000 करोड़ रुपये कर दी गई है। इस धनराशि में से 5,400 करोड़ रुपये की राशि मुक्त विशेष केन्द्रीय सहायता के रूप में आवंटित की जाएगी। मुखर्जी ने यह भी घोषणा की कि पिछड़े क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत किए गए 7,300 करोड़ रुपये के आवंटन में 35 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी कर उसे 9,890 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

‘स्वावलम्बन’ योजना के निकास मानकों में छूट
मुखर्जी ने कहा कि बजट 2010-11 में ‘स्वावलम्बन’ नामक एक सह-अंशदायी पेंशन योजना की घोषणा की गई थी। इसके निकास मानकों में छूट दी जाएगी। असंगठित क्षेत्र के कामगारों द्वारा इस योजना का स्वागत किया गया है। इसमें अब तक चार लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। प्राप्त जानकारी के आधार पर निकास मानकों में छूट दी जा रही है।

निकासी की अनुमति होगी
छूट के बाद ‘स्वावलम्बन’ के अन्तर्गत किसी भी अंशदाता को 60 वर्ष के बजाए 50 वर्ष या 20 वर्ष की न्यूनतम अवधि (इनमें से जो भी परिवर्ती हो) के बाद निकासी की अनुमति होगी। वर्ष 2010-11 तथा 2011-12 के दौरान ‘स्वावलम्बन’ योजना में नामांकित हो चुके सभी अंशधारकों को तीन से पांच वर्षों तक सरकारी अंशदान का फायदा देने का प्रस्ताव है। अनुमान के मुताबिक मार्च 2012 तक 20 लाख लाभार्थी इस योजना में शामिल होंगे।

स्वास्थ्य बजट में 20 फीसदी वृद्धि

वित्त मंत्री ने आम बजट में स्वास्थ्य बजट में 20 फीसदी वृद्धि करने की घोषणा की। मुखर्जी ने कहा कि वह स्वास्थ्य बजट 2011-12 को 20 फीसदी वृद्धि के साथ 26,760 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना गरीब कामगारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की एक प्रभावी योजना साबित हुई है।

स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ा
उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लाभार्थियों को भी इसमें शामिल करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही लेड पेंसिल, ब्रोमाइड, माइका और एस्बेस्टस उद्योग और अन्य खतरनाक खनन क्षेत्र में कार्यरत असंगठित मजदूरों को भी इस योजना में शामिल करने का प्रस्ताव रखा।

नए बैंकिंग लाइसेंस के नियम मार्च अंत तक
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) नए बैंकिंग लाइसेंस के लिए मार्च अंत तक दिशानिर्देश जारी कर देगा। मुखर्जी ने लोकसभा में अपना बजट भाषण पढ़ते हुए कहा कि आरबीआई मौजूदा वित्त वर्ष के समाप्त होने से पहले ही बैंकिंग लाइसेंस के लिए दिशानिर्देश जारी करने की योजना बना रहा है।

निजी समूहों को प्रवेश देने पर विचार
मुखर्जी ने अपने पिछले बजट में घोषणा की थी कि आरबीआई बैंक विहीन इलाकों में सेवाओं का जाल बिछाने और इस सेक्टर में स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा की इजाजत देने के लिए बैंकिंग सेक्टर में अधिक निजी समूहों को प्रवेश देने पर विचार करेगा। आरबीआई इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया मंगाने के लिए एक चर्चा पत्र पहले ही तैयार कर चुका है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में किसे प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके साथ ही आरबीआई इस मुद्दे पर भी विचार कर रहा है कि नए प्रवेशार्थी के लिए कम से कम कितनी आवश्यक पूंजी निर्धारित की जाना चाहिए।

राजकोषीय घाटा 4.6 रहने का अनुमान
वित्त मंत्री ने 2011-12 के दौरान राजकोषीय घाटा, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। चालू वित्त में इसके 5.1 फीसदी रहने की संभावना है। लोकसभा में बजट भाषण के दौरान मुखर्जी ने कहा कि राजकोषीय घाटे को चालू वित्त वर्ष में 5.1 फीसदी के स्तर पर लाया गया है जो कि बजट में 5.5 अनुमानित था।

गरीबों को नकद मिलेगी सब्सिडी

मुखर्जी ने आम बजट में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को नकद सब्सिडी देने की घोषणा की। यह प्रणाली मार्च 2012 से शुरू हो जाएगी। मुखर्जी ने लोकसभा में कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से नकद हस्तांतरण प्रणाली की तरफ बढ़ेगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा, जो इस पूरी प्रक्रिया का प्रारूप तैयार करेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली और इस जैसी अनेक योजना में भ्रष्टाचार के कारण केंद्रीय सरकार की विभिन्न जन कल्याण योजनाओं का लाभ गरीबों का पूरा-पूरा नहीं मिल पाता है। मार्च 2012 तक यह प्रणाली शुरू हो जाएगी।

विदेशी निवेश की अधिकतम सीमा बढ़ी
केंद्र सरकार ने आधारभूत संरचना क्षेत्र में विदेशी निवेशकों के निवेश की अधिकतम सीमा बढ़ा दी है साथ ही म्युचुअल फंड्स में विदेशी निवेश की मंजूरी दे दी है। यह निर्णय लिया गया है कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) म्युचुअल फंड्स में निवेश करने के लिए विदेशी निवेशकों को केवाईसी (नो योर कस्टमर) नीति के अनुरूप जरूरतें पूरी करने पर पंजीकृत कर सकता है। इससे विदेशी निवेशकों को भारतीय म्युचुअल फंड्स में सीधे निवेश का अवसर मिलेगा और भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों की संख्या बढ़ेगी।

वस्तु एवं सेवा कर विधेयक इसी सत्र में पेश
मुखर्जी ने कहा कि प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधन विधेयक मौजूदा सत्र में पेश किया जाएगा। जीएसटी लागू करने के लिए मैं संवैधानिक संशोधन विधेयक इसी सत्र में पेश करने का प्रस्ताव देता हूं। केंद्र सरकार ने राज्यों से इस मसले पर मतभेद दूर करने में काफी प्रगति की है। जीएसटी लागू करने का फैसला राज्यों से विचार-विमर्श के जरिए लिया जाएगा। पिछले चार सालों में हमने इस मामले में काफी प्रगति की है।

बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ेगी

प्रणब मुखर्जी ने 1990 के दशक में शुरू आर्थिक सुधार को जारी रखने का संकल्प व्यक्त करते हुए आम बजट 2011-12 में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। लोकसभा में आम बजट पेश करते हुए मुखर्जी ने अपने भाषण में कहा कि 1990 के दशक में वित्तीय क्षेत्र में शुरू किए गए सुधार के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। इसके देखते हुए उन्होंने इस रास्ते पर कदम बढ़ाने की घोषणा की।

मुखर्जी का यह छठा आम बजट
मुखर्जी ने बताया कि हम उच्च विकास और चुनौतियों से भरपूर एक महत्वपूर्ण वर्ष के अंत में हैं। वर्ष 2010-11 में विकास दर अच्छी रही। अर्थव्यवस्था संकट से पूर्व की स्थिति में पहुंच गई है। आने वाले समय में उच्च विकास दर बनाए रखना, विकास में भागीदारी बढ़ाना और संस्थाओं की प्रासंगिकता को बढ़ाना हमारी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। 75 वर्षीय मुखर्जी का यह छठा आम बजट है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में वित्त मंत्री के रूप में यह उनका तीसरा बजट है। उन्होंने वर्ष 1982 से 1984 के बीच तीन बार बजट पेश किया था।

आभार – मेरी खबर.कॉम

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