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रबर बोर्ड की जवाब

10-02-2019 को पि.जी पोर्टल   की जरिये DOCOM/E/2019/00176 एक शिकायत दर्ज की थी। शिकायत एक यु.आर.एल  था।वह शिकायत मिनिस्ट्री ऑफ कोमेऴ्स आन्ट इनडस्ट्री ने रबड्बोर्ट की एक्सिक्यूटीव डयरक्टर को भेजी।  2019 मार्च महीने  6 तारिक को दी गई जवाब नीचे दिया हुआ हैं। गलत आँकडे प्रसारित करके मजदूर, रबड् की खेती करनेवाले किसान, छोटे व्यापारी और छोटे निर्माताओं तो लूटकर बडे निर्माताओं की मदद कर रहे हैं।  अगर 2004-05 से लेकर  2009-10 तक जैसे बचत भंडार को ज्यादा करके दिखाया उसी प्रकार 2010-11 के बाद में भी जारी रखने से अब की हालात नहीं होना था। शुरू की भंडार, उत्पादन, आयात मिलाने पर जो लभ्यता होगी उससे उपभोग, निर्यात ऐर बचत भंडार खटाने से टली नहां होगा। जो हेरा भेरी से आयात बडाकर देशी और अंतरराष्ट्रीय दाम गिराकर बडे निर्माते ज्यादा मुनाफा हासिल कर रहा हैं।

2010-11 से लेकर  असली लभ्यता को कम करके दिखाकर ज्यादा से ज्यादा आयात की मौका बनाकर दे दी। राज्यसभा में श्री जोय अब्रहाँ एं.पी को  2013-14 की  दीगई कमी की अनुमान गलत था।  उस  कमी की अनुमान  दुरुस्त करने केलिये दो सदस्य वाले कमिटी की बैटक 844000 टण की उतपादन को 774000 टण कराकर दुरुस्त किया।

सत्यमेव जयते

 

 

स्वाभाविक रबड् और नारियल उत्पन्न् की दामसूचक

एक विश्वविद्यालय के दूसरे दर्जे की कर्मचारी को केरल में सन. 1983 में 675 रुपये बेसिक धनका और 122 रुपये डी.ए मिलाकर  797 रुपये थे। 25 साल के बाद सन. 2008 में बेसिक धनका 7990 रुपये और डी.ए  3036 रुपये मिलाकर 11,026 रुपये बन गये। इसका मतलब धनका 13.83 गुणा बड चुके हैँ। HRA, CCA के सिवाय यह धनका मिलते हैं। 1983 में केती पर काम करनेवाला मजदूर को 20 एक दिन मिलते थे। सन. 2008 में 17.5 गुणा बडकर 350 रुपये होगया हैं।.

किसानों को न्याय मिलने केलिये रबड् की दाम सन. 2008 -में   231.24 रुपये प्रतिकिलो मिलना चाहिये था।  (16.72 x 13.83) या वह कर्मचारी को धनका  5157 रुपये (797 x 6.47) ही होना चाहिये।

Price Indices of major agricultural commodities with base year 1983 in Kerala

The land value increased in 25 years is 75 times in my area.

गाट्ट के बाद की भारतीय रबड् साँख्यिकी की विश्लेषण

1996-97 से लेकर रबड्बोर्ड द्वारा प्रसारित अन्तिम मासिक रबड् साँख्यिकी समाचार के अनुसार प्रसारित विश्लेषण

भारतीय रबड् साँख्यिकी की विश्लेषण