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लाटेक्स की दाम ज्यादा नीचे क्यों

लाटेक्स की दाम षीट रबड् से बहूत कम होने की कारण रबड् बोर्ड के चेयरमान कह रहा है कि किसानों को लाटेक्स को षीट बनाकर बेचना होगा। लेकिन पिछले महीनों की दामें – जूलै में  रु. 82.59/किलो और आगस्ट में  रु. 84.19/किलो थे। परंतू रबड् बोर्ड छापी गई हर महीनों की आँकडे देखने पर जूलै में रु. 147.72/किलो था। इन दोनों दामों में अंतर रु. 65.13/किलो था तो prosessor को मुनाफा इतना ज्यादा क्यों होगा करके सोचना होगा। 2006-07 – में 60% drc latex की निर्यात 16056.427 टण और उसमें सूखे रबड् के अंश 9633.853 टण थे। लेकिन 60% drc latex की दाम और हिसाब का ही था। उसी वजह से  40% अन्य पदार्थों कोभी रबड् की दाम वसूल की गई।अन्तरराष्ट्रीय आयात करने वाले और इस्तेमाल करनेवालों को यह मालूम नहीं किसानों को किस हिसाब से मिलते हैं। किसानों को 100% डि.आर.सि का ही दाम आर.एस.एस 5 से कम ही मिलता हैं। उदाहरण के तौर पर 100 किलो रबड् पेड से इकटे किया हुआ लाटेक्स को अगर वह  30% डि.आर.सी की हैं तो  30 किलो की दाम आर.एस.एस 5 से कम ही मिलेगा। लेकिन अब 20 से 25 रु. तक कम ही मिल रहा हैं।

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