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एम.आर.एफ के खिलाफ समाचार पत्र नहीं लिखेगा

देशाभिमानि समाचार पत्र से अलावा और किसी पत्र में यह समाचार प्रसारित नहीं।
इस साल एप्रिल से लेकर स्वाभाविक रबड् अन्तरराष्ट्रीय भाव से 36 रुपये तक ऊँचा रखकर टयरों के निर्यात करनेवाला एक निर्माता को निर्यात के अनुपात पर निश्चित मात्रा के स्वाभाविक रबड् 0% आयात शुल्क में आयात कर सकते हैं। इस सौलियक से एम.आर.एफ को 30 रु तक का फायदा होगा जो अन्य निर्माता को नहीं मिलेगा। इसी के साथ आर.एस.एस 4 और मनोरमा समाचार पत्र में प्रसारित करनेवाला व्यापारी भाव में अन्तर 3 रु तक कम रखकर बाजार से दूर भी रह सकते हैं। इस कारवाई से एम.आर.एफ के मुनाफा और अन्य निर्माताओं के नुकसान अन्ताज कर सकते हैं। रबड् बोर्ड के चरित्र में आज तकके सबसे बडा भंडार प्रसारित करते समय निर्माताओं को रबड् नहीं मिलता करके एक लाख टण स्वाभाविक रबड् 7.5 % आयात शुल्क में आयात करने की अवसर दूँगा करके मन्त्री महोदय ने निर्णय लिया। बाद में इसी का कई रूप धारण हुआ। अगस्ट महीने में चार ग्रेड रबड् और व्यापारी दाम में अंतर 21 रुपये तक बडाकर उसी का पूरा भायदा सिर्फ एम.आर.एफ ही उठा सकते हैं। क्यों की दृष्टी पर आधारित ग्रेडिंग के परदे के बीच छोटे व्यापारियों से आरएसएस १ के षीट सिर्फ एम.आर.एफ को कम दाम में इकटा करने का सौलियत मौजूद हैं। इसके सिवा अब 92% उतपादन केरल का होते हुये भी तीन लोड आयात की गई रबड् तमिलनाड से केरल में नमक के ट्रकों पर लाने का कोशिश की हैं। मलयालम में रेडियो, टी.वी, और समाचार पत्र चलाने वाला इनको अनगिनत रिपोरटर (Reporters) भी मदद केलिसे मौजूद हैं। इस हालात में इनें सबसे बडा निर्माता रहकर अन्य निरमाताओं को बरबाद भी कर सकते हैं।
रबड् बोर्ड के आँकडे प्रसारित करनेकेलिये कुच्छ आँकडे आटो टयर मानुपेक्चेर्स असोसियेषन से इकटा करते हैं। इस खेल से और हेराफेरी और तेज करने में सफल होजाता हैं। एम.आर.एफ को देखकर सलाम करनेवाला रबड् बोर्ड एक गुलाम का काम कर रहे हैं। किसानों से इनके (मनोरमा और रबड् बोर्ड) जाली स्नेह हम को समझ में आना जरूरी हैं। ऊँचे दाम से गिरते समय व्यापारियों को फायदा बहूत हैं। क्यों कि आज के रकम के अनुसार खरीद के आदेश मिलने पर एक ङफ्ते के अंदर १६ टण के ट्रक भेजना हैं। उसी वजह से इसके बीच जितना दाम गिरा सकते हैं उतना मुनाफा हो जाता हैं। रबड् बोर्ड, बडे व्यापारी और बडे निर्माता मिलकर च्छोटे व्यापारियों, कियानों, अन्य निर्माताओं को लूटता हैं।

आप भी सोचिये एक निर्माता स्वाभाविक रबड के दाम के नियन्त्रण अपने हाथ में रखना उचित हैं?

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